चर्चा में क्यों?: 30 मार्च, 2026 को औपचारिक रूप से भारतीय नौसेना को सौंप दिया
निर्माण: गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) द्वारा
विशेषताएं:
यह सर्वे वेसल लार्ज (SVL) परियोजना के तहत निर्मित चौथा और अंतिम सर्वेक्षण पोत है
इस जहाज में 80% से अधिक स्वदेशी सामग्री का उपयोग किया गया है, तटीय और गहरे समुद्र दोनों तरह के हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण करने के लिए आधुनिक प्रणालियों से सुसज्जित है।
विस्थापन (displacement) लगभग 3400 टन और लंबाई 110 मीटर है।
यह जहाज़ 18 समुद्री मील (knots) से अधिक की गति प्राप्त कर सकता है
यह प्रणोदन के लिए दोहरे डीज़ल इंजनों का उपयोग करता है।
यह ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल्स (AUVs) और रिमोटली ऑपरेटेड व्हीकल्स (ROVs) जैसे उन्नत उपकरण अपने साथ ले जाता है।
जहाज़ पर मौजूद प्रमुख तकनीकों में डिजिटल साइड स्कैन सोनार, DGPS पोज़िशनिंग सिस्टम और रियल–टाइम डेटा प्रोसेसिंग यूनिट शामिल हैं।
ये उपकरण पानी के नीचे के भूभाग का सटीक मानचित्रण करने में सक्षम बनाते हैं।