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प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY)

चर्चा में क्यों?

  • प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) ने 8 अप्रैल 2026 को अपने क्रियान्वयन के 11  वर्ष सफलतापूर्वक पूरे कर लिए हैं।

  • प्रगति -इस योजना के अंतर्गत अब तक 57 करोड़ रुपये से अधिक ऋण बांटे गये हैं और 40.07 लाख करोड़ रुपये की संचयी राशि वितरित की जा चुकी है।
    • वित्तीय समावेशन को सुदृढ़ करते हुए, वित्त वर्ष 2024-25 में कुल खातों में से लगभग 60% महिलाओं और लगभग 21% नए उद्यमियों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है।

PMMY के बारे में-

  • शुभारंभ: 8 अप्रैल, 2015

  • नोडल मंत्रालय: वित्त मंत्रालय, भारत सरकार।

  • मुख्य उद्देश्य: "वित्तपोषित न होने वाले क्षेत्रों को वित्तपोषित करना" (Funding the Unfunded), जो वित्तीय समावेशन के तीन स्तंभों में से एक है।

मुख्य विशेषताएँ:

  • ऋण की प्रकृति :योजना के तहत विनिर्माण, व्यापार, सेवाओं और संबद्ध कृषि गतिविधियों हेतु 20 लाख रुपये तक के बिना किसी संपार्श्विक (Collateral-free) के ऋण प्रदान किए जाते हैं।

  • ऋण श्रेणियाँ: मुद्रा ऋण मुख्य रूप से चार श्रेणियों (शिशु, किशोर, तरुण और तरुणप्लस) में प्रदान किए जाते हैं।

  • तरुणप्लस (Tarun Plus): बजट 2024-25 में घोषित यह विशेष श्रेणी उन उद्यमियों के लिए है, जिन्होंने 'तरुण' श्रेणी के ऋण का सफलतापूर्वक पुनर्भुगतान किया है।

  • कार्यान्वयन ढाँचा: यह योजना एक त्रि-स्तरीय ढाँचे के माध्यम से संचालित होती है।

  1. माइक्रो यूनिट्स डेवलपमेंट एंड रिफाइनेंस एजेंसी लिमिटेड (MUDRA) 

  2. सदस्य ऋणदाता संस्थान (MLI) 

  3. लाभार्थी (ऋण पाने वाले)

  • ब्याज दर: ऋण पर ब्याज दरों का निर्धारण भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप किया जाता है।

  • विस्तार: ये ऋण विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के साथ-साथ संबद्ध कृषि गतिविधियों जैसे डेयरी, मुर्गी पालन और मधुमक्खी पालन की कार्यशील पूंजी आवश्यकताओं को भी पूरा करते हैं।

  • SOURCE:PIB