उद्देश्य: दुनिया की सात बड़ी बिल्लियों (शेर, बाघ, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, चीता, जगुआर और प्यूमा) का संरक्षण करना है।
विषय (Theme) :‘बड़ी बिल्लियों को बचाएं, मानवता को बचाएं, पारिस्थितिकी तंत्र को बचाएं’
केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने हाल ही में इस शिखर सम्मेलन की आधिकारिक वेबसाइट और लोगो (Logo) का शुभारंभ किया है।
शिखर सम्मेलन में 95 से अधिक देशों के वैज्ञानिकों और संरक्षण विशेषज्ञों, संगठनों के शामिल होने की उम्मीद है।
इसका मुख्य लक्ष्य बड़ी बिल्लियों के संरक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय साझेदारी को मजबूत करना है।
सम्मेलन के दौरान ‘दिल्ली घोषणा’ नाम का एक वैश्विक संकल्प अपनाया जाएगा, जो संरक्षण की साझा प्राथमिकताओं को तय करेगा।
आईबीसीए (IBCA) का मुख्यालय भारत में ही स्थित है, जो इसकी वैश्विक नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है
शिखर सम्मेलन के दौरान एक विशेष प्रदर्शनी भी लगाई जाएगी, जिसमें बड़ी बिल्लियों पर आधारित जनजातीय कला और फिल्में दिखाई जाएंगी।
यह मंच सदस्य देशों के बीच ज्ञान साझा करने और आपसी सहयोग को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया है।
भारत इस माध्यम से यह संदेश देना चाहता है कि आर्थिक विकास और प्रकृति का संरक्षण एक साथ संभव है।