- यह प्रदर्शनी 9 मई से 22 नवंबर तक चलेगी
- भारत की अंतिम भागीदारी: वर्ष 2019
- सहयोगी संस्थाएं:
- भारत का संस्कृति मंत्रालय
- Nita Mukesh Ambani Cultural Centre
- Serendipity Arts
- उद्घाटन :वेनिस के आर्सेनाले स्थल पर केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत
- भारत के राष्ट्रीय मंडप का शीर्षक:"दूरी का भूगोल: घर की यादें" Geographies of Distance: remembering home”,
प्रमुख कलाकार एवं उनकी कलाकृतियाँ:
- सुमाक्षी सिंह — ‘स्थायी पता’ (Permanent Address), इस कृति में कलाकार ने नई दिल्ली स्थित अपने ध्वस्त पारिवारिक घर का वास्तविक आकार में पुनर्निर्माण किया है। यह पूरी संरचना कढ़ाई के धागों से निर्मित है, जो स्मृति, घर और भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाती है।
- रंजनी शेटर— ‘उसी आकाश के नीचे’ (Under the Same Sky), यह कलाकृति प्रकृति, फूलों तथा जैविक विकास से प्रेरित लटकती हुई मूर्तिकला आकृतियों को प्रस्तुत करती है और मनुष्य एवं प्रकृति के संबंध को अभिव्यक्त करती है।
- असीम वाकिफ— ‘चाल’ (Chaal), बांस से निर्मित यह कलाकृति समकालीन भारतीय शहरों के बदलते स्वरूप, शहरीकरण तथा विकास की प्रक्रिया को प्रदर्शित करती है।
- अलवर बालासुब्रमण्यम — ‘केवल हमारे लिए नहीं’ (Not Just for Us), इस कृति में ग्रामीण तमिलनाडु की मिट्टी एवं चिकनी मिट्टी का उपयोग कर स्मृति, पर्यावरणीय परिवर्तन तथा मनुष्य-प्रकृति संबंधों की पड़ताल की गई है।
- Skarma सोनमताशी.— ‘घर की प्रतिध्वनियाँ’ (Echoes of Home) यह कलाकृति लद्दाख की स्थापत्य परंपराओं तथा पेपर-मैशे कला के माध्यम से पारिस्थितिकी, सांस्कृतिक विरासत और निरंतरता को दर्शाती है