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मेंढकों से प्रेरित नमी-संवेदनशील न्यूरोमॉर्फिक सेंसर विकसित

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  • चर्चा में क्यों?: हाल ही में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग  के अंतर्गत जवाहरलाल नेहरू उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान केंद्र (JNCASR) के शोधकर्ताओं ने एक ऐसा न्यूरोमॉर्फिक सेंसर विकसित किया है जो मेंढकों के व्यवहार से प्रेरित है और नमी के प्रति संवेदनशील है।
  •  तकनीक?: यह एक न्यूरोमॉर्फिक सेंसर है, जो मानव मस्तिष्क की तरह कार्य करता है।
    यह एक ही उपकरण मेंसंवेदन (Sensing),प्रोसेसिंग(Processing),स्मृति(Memory) को एकीकृत करता है।
    पारंपरिक इलेक्ट्रॉनिक्स की तुलना में यह कम ऊर्जा खर्च करता है।
  • प्रेरणा का स्रोत:यह तकनीक उभयचर मेंढकों, विशेष रूप से क्रिकेट मेंढकों से प्रेरित है।
    मेंढक:
    नमी के प्रति अत्यधिक संवेदनशील होते हैं
    उनकी गतिविधि प्रकाश और आर्द्रता से प्रभावित होती है
  • विशेषताएँ
    • 1D सुपरमॉलिक्यूलर नैनोफाइबर पर आधारित जो नमी में बदलाव को महसूस कर सकता है
      मस्तिष्क की तरह सिनैप्टिक प्रतिक्रिया देता है
    • पहले प्राप्त संकेतों को अस्थायी रूप से “याद” रख सकता है
    • प्रकाश (Light) के प्रति भी प्रतिक्रिया करता है
  • काम करने की प्रक्रिया: आर्द्रता बदलने पर सेंसर की इलेक्ट्रिकल प्रतिक्रिया बदलती है
    • विभिन्न आर्द्रता संकेतों पर यह: सुविधा (Facilitation), अवसाद (Depression), मेटा-प्लास्टिसिटी (Meta-plasticity),जैसी प्रतिक्रियाएँ दिखाता है, यह बेसिक लॉजिकल ऑपरेशन भी कर सकता है
  • महत्व
    • पारंपरिक कंप्यूटिंग की तुलना में कम ऊर्जा खपत,कम डेटा प्रोसेसिंग आवश्यकता
    • एज कंप्यूटिंग और AI में उपयोगी
    • जैविक प्रणालियों की तरह कुशल और अनुकूलनीय
  • संभावित उपयोग
    • स्मार्ट पर्यावरण निगरानी प्रणाली
    • हेल्थकेयर डिवाइस
    • वियरेबल सेंसर