चर्चा में क्यों?
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विस्तार एवं पहुंच: मार्च 2026 तक इस प्लेटफॉर्म से 23 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों की लगभग 1,656 मंडियां एकीकृत की जा चुकी हैं।
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पंजीकरण: इस डिजिटल मंच पर अब तक 1.80 करोड़ से अधिक किसान और 2.73 लाख व्यापारी अपना पंजीकरण करा चुके हैं।
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व्यापार मूल्य: मार्च 2026 तक पोर्टल पर व्यापार का कुल संचयी मूल्य 4.84 लाख करोड़ रुपये के स्तर तक पहुँच गया है।
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e-NAM के बारे में -
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परिचय: e-NAM एक अखिल भारतीय इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल है, जिसे वर्ष 2016 में लॉन्च किया गया था।
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नोडल कार्यान्वयन एजेंसी: लघु कृषक कृषि व्यापार संघ (SFAC),
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कार्यप्रणाली: यह देश भर की मौजूदा कृषि मंडियों को डिजिटल नेटवर्क के माध्यम से जोड़ता है।
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मुख्य उद्देश्य: "एक राष्ट्र, एक बाजार" के संकल्प को साकार करते हुए कृषि व्यापार में पारदर्शिता सुनिश्चित करना।
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सूचना प्रसार: यह एप्लिकेशन दिसंबर 2025 तक 247 अधिसूचित वस्तुओं के लिए निःशुल्क मूल्य जानकारी प्रदान करता है।
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किसानों को लाभ: ई-एनएएम के माध्यम से किसान अपनी उपज ऑनलाइन बेच सकते हैं, जिससे उन्हें खरीदारों का व्यापक आधार और प्रतिस्पर्धी मूल्य प्राप्त होता है।
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पारदर्शिता: यह प्रणाली पारदर्शी नीलामी और गुणवत्ता आधारित मूल्य निर्धारण सुनिश्चित करती है, जिससे बिचौलियों पर निर्भरता समाप्त होती है।
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भुगतान प्रक्रिया: व्यापार संपन्न होने के उपरांत, बिक्री की राशि सीधे किसानों के पंजीकृत बैंक खातों में इलेक्ट्रॉनिक रूप से हस्तांतरित कर दी जाती है।
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एकीकरण: इलेक्ट्रॉनिक परक्राम्य गोदाम रसीद (e-NWR) प्रणाली को ई-एनएएम के साथ एकीकृत किया गया है।
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शुरू: वेयरहाउसिंग (विकास और विनियमन) अधिनियम, 2007 के तहत

SOURCE : PIB