Menu

उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह

  • 17 अप्रैल, 2026 को राज्यसभा के उपसभापति के रूप में हरिवंश नारायण सिंह  निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं। 

  • यह उनका लगातार तीसरा कार्यकाल है , वे 9 अगस्त, 2018 को पहली बार और 14 सितंबर, 2020 को पुनः राज्यसभा उपसभापति चुने गए।

  • वह इस पद को संभालने वाले पहले मनोनीत सदस्य बने हैं।

  • वे नजमा हेपतुल्ला के बाद ( 2004 ) पहले व्यक्ति और पहले गैर- कांग्रेसी व्यक्ति बने, जिन्हें तीसरी बार इस पद के लिए फिर से चुना गया।

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने 10 अप्रैल 2026 को  राज्यसभा सदस्य के रूप में मनोनीत किया।

    • वे पूर्व मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के स्थान पर मनोनीत हुए हैं।

  • प्रथम उपसभापति - श्री एस. वी. कृष्ण मूर्ति राव

  • प्रथम महिला उपसभापति - श्रीमती वायलेट अल्वा

  • अनुच्छेद 89(2) :राज्यसभा अपने सदस्यों में से एक को उपसभापति के रूप में निर्वाचित करती है।

  • कार्यकालः कार्यकाल आम तौर पर राज्यसभा में उनकी सदस्यता के साथ समाप्त होता है।

  • इस्तीफाः उपसभापति सभापति को लिखित इस्तीफा सौंपकर इस्तीफा दे सकता है।

  • वर्तमान में राज्यसभा के महासचिव पी. सी. मोदी 

    • अनुच्छेद 80 : राज्यसभा में अधिकतम 238 निर्वाचित और 12 मनोनीत सदस्य हो सकते हैं।

    • अनुच्छेद 80 (3) : राष्ट्रपति 12 प्रतिष्ठित व्यक्तियों को राज्यसभा के लिए नामित कर सकते हैं।

      • क्षेत्र: साहित्य, विज्ञान, कला और सामाजिक सेवाओं में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए

      • कार्यकालः 6 वर्ष।

      • मनोनयन का प्रावधान आयरलैंड के संविधान से लिया गया ।

    • वर्तमान में मनोनीत सदस्य : हर्ष वर्धन श्रृंगला, उज्ज्वल निकम, मीनाक्षी जैन, सी. सदानंदन मास्टर, सुधा मूर्ति, पी. टी. उषा आदि ।

    • अधिकार: ये सदस्य उपराष्ट्रपति के चुनाव में मतदान कर सकते हैं, लेकिन राष्ट्रपति के चुनाव में उन्हें वोट देने का अधिकार नहीं होता।

      • मनोनीत सदस्य शपथ लेने के 6 महीने के भीतर किसी राजनीतिक दल में शामिल हो सकते हैं।