समझौता:
- कौन: विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के तहत प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (TDB) + हेलिक्स सेल थेरेप्यूटिक्स (हैदराबाद)।
- सहयोग: भारत-सिंगापुर संयुक्त ढांचा (बायोसेल इनोवेशन, सिंगापुर के साथ साझेदारी)।
- उद्देश्य: एक नई और उन्नत CAR-T सेल थेरेपी विकसित करना और इसका चरण-1 (Phase I) नैदानिक परीक्षण (clinical trials) करना।
बीमारी: मल्टीपल मायलोमा (Multiple Myeloma)
- यह एक गंभीर प्रकार का ब्लड कैंसर है जो अस्थि मज्जा (bone marrow) में प्लाज्मा कोशिकाओं को प्रभावित करता है।
- वर्तमान में इसका इलाज बहुत मुश्किल माना जाता है, और मरीजों में इस बीमारी के दोबारा उभरने (relapse) की दर बहुत अधिक है।
नवाचार: 'डुअल-टारगेटिंग' थेरेपी (Dual-Targeting Therapy)
· सामान्य CAR-T: मौजूदा उपचार ज्यादातर केवल एक ही कैंसर मार्कर (जैसे BCMA) को लक्षित करते हैं।
· यह नई थेरेपी: यह एक डुअल-टारगेटिंग (दोहरे-लक्ष्य वाली) थेरेपी है। यह एक साथ दो विशिष्ट मार्करों को लक्षित करती है: BCMA और CD19 (ये दोनों मल्टीपल मायलोमा कोशिकाओं पर मौजूद होते हैं)।
· फायदा: दो मार्करों को एक साथ लक्षित करने से उपचार का प्रभाव काफी बढ़ जाता है और कैंसर के दोबारा लौटने की संभावना कम हो जाती है। यह उन रोगियों के लिए है जिनके लिए इलाज के अन्य सभी पारंपरिक विकल्प समाप्त हो चुके हैं।
बुनियादी बातें
1.पूरा नाम: काइमेरिक एंटीजन रिसेप्टर टी-सेल थेरेपी (Chimeric Antigen Receptor T-cell therapy)।
2.कार्यप्रणाली: यह इम्यूनोथेरेपी (immunotherapy) और प्रिसिजन ऑन्कोलॉजी (precision oncology - सटीक कैंसर चिकित्सा) का एक उन्नत रूप है।
3.डॉक्टर मरीज के रक्त से उसकी अपनी प्रतिरक्षा कोशिकाओं (T-lymphocytes / टी-लिम्फोसाइट्स) को निकालते हैं।
4.इन कोशिकाओं को प्रयोगशाला में आनुवंशिक रूप से संशोधित (genetically engineered) किया जाता है ताकि उनकी सतह पर 'CARs' (विशेष रिसेप्टर) बन सकें।
5.इन संशोधित टी-कोशिकाओं को वापस मरीज के शरीर में चढ़ा (infuse) दिया जाता है, जहां वे गाइडेड मिसाइल की तरह काम करती हैं और विशेष रूप से कैंसर कोशिकाओं की पहचान करके, उनसे जुड़कर उन्हें नष्ट कर देती हैं।
भारत के लिए महत्व:
1.यह उन्नत बायोलॉजिक्स, इम्यूनोथेरेपी प्लेटफॉर्म और प्रिसिजन मेडिसिन में स्वदेशी (indigenous) क्षमताओं को बढ़ावा देता है।
2.यह 'आत्मनिर्भर भारत' विजन के तहत भारत को सस्ती और अगली पीढ़ी की कैंसर स्वास्थ्य सेवा (Next-Gen Cancer Healthcare) की ओर ले जाता है।
Source:- DD News
