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आयोजन: भुवनेश्वर, ओडिशा में (18 अप्रैल)
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विजेता : साध्वी सतीश सैल, गोवा ।
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इन्होंने पारंपरिक कुनबी बुनाई से प्रेरित वेशभूषा पहनी थी, जिसे मध्य यूरोपीय शैली के साथ पुनर्व्याख्यायित कर एक नया स्वरूप दिया गया है।
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प्रथम रनर-अप: राजनंदिनी पवार (महाराष्ट्र); द्वितीय रनर-अप: श्री अद्वैता (जम्मू और कश्मीर)।

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“विश्व सूत्र – विश्व के लिए भारत की बुनाई” पहल
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हथकरघा विकास आयुक्त कार्यालय और फेमिना मिस इंडिया के मध्य हुई विशेष साझेदारी के तहत ग्रैंड फिनाले में एक विशिष्ट हथकरघा संग्रह प्रदर्शित किया गया।
- अनावरण: हथकरघा विकास आयुक्त कार्यालय और राष्ट्रीय फैशन प्रौद्योगिकी संस्थान (NIFT) ने
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इस पहल के माध्यम से भारत के विभिन्न राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाली 30 विशिष्ट हथकरघा बुनाई शैलियों को एक साथ लाया गया है। ( राजस्थान - कोटा डोरिया )
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इनकी 30 देशों से प्राप्त प्रेरणाओं के माध्यम से उनकी पुनर्व्याख्या की गई है
- यह पहल भारत सरकार की पारंपरिक उद्योगों को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी क्षेत्रों में परिवर्तित करने की प्रतिबद्धता दर्शाती है
- यह "वोकल फोर लोकल टू ग्लोबल" की दृष्टि और प्रधानमंत्री के 5F ढांचे (फार्म टू फाइबर टू फैक्ट्री टू फैशन टू फॉरेन) के अंतर्गत आती है।
