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‘20 Cities Towards Zero Waste’ पहल 

  • चर्चा में क्यों?: वरकला, केरल को अंतर्राष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस (30 मार्च) UN की ‘20 Cities Towards Zero Waste’ पहल में शामिल किया गया 

  • संयुक्त राष्ट्र के शून्य अपशिष्ट सलाहकार बोर्ड के मार्गदर्शन में, संयुक्त राष्ट्र-आवास (UN-Habitat) और संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP) के सहयोग से शुरू की गई वैश्विक पहल ।

  • इस कार्यक्रम के अंतर्गत विश्व के उन 20 प्रमुख शहरों को चुना गया है, जो कचरा प्रबंधन में सुधार, चक्रीय अर्थव्यवस्था के मॉडल को अपनाने और अधिक टिकाऊ एवं समावेशी शहरी ढांचे के विकास के लिए नवाचारी दृष्टिकोण प्रदर्शित कर रहे हैं।

  • उद्देश्य:

    • शहर के नेतृत्व और नवाचार को पहचानें

    • अच्छी प्रथाओं और सीखे गए सबकों के आदान-प्रदान को बढ़ावा देना।

    • अन्य शहरों को शून्य अपशिष्ट की ओर अपने परिवर्तन को गति देने के लिए प्रेरित करें

    • स्थानीय स्तर पर चक्रीय अर्थव्यवस्था के दृष्टिकोणों के कार्यान्वयन का समर्थन करें

  • SDG में योगदान: यह पहल सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) में योगदान देती है, विशेषकर SDG-11 (सतत शहर और समुदाय), SDG-12 (संवहनीय खपत और उत्पादन) और SDG-13 (जलवायु कार्रवाई)।

  • अंतर्राष्ट्रीय शून्य अपशिष्ट दिवस- 2026 की थीम: "खाद्य अपशिष्ट"

     

  • स्थापना: 1978

  • मुख्यालय: नैरोबी, केन्या।

  • सतत शहरीकरण के लिए उत्तरदायी प्रमुख वैश्विक संस्था है, जो 90 से अधिक देशों में नीतिगत परामर्श और तकनीकी सहयोग के माध्यम से सामाजिक एवं पर्यावरणीय रूप से टिकाऊ शहरी विकास सुनिश्चित करती है

 

  • स्थापना: 1972 (स्टॉकहोम सम्मेलन के बाद)।

  • मुख्यालय: नैरोबी, केन्या।

  • प्रमुख रिपोर्टें: वैश्विक पर्यावरण आउटलुक (GEO),, वैश्विक जैव विविधता आउटलुक (GBO) , उत्सर्जन अंतराल रिपोर्ट (Emissions Gap Report),अनुकूलन अंतराल (Adaptation Gap) रिपोर्ट

  • पर्यावरण के क्षेत्र में अग्रणी वैश्विक प्राधिकरण के रूप में, UNEP अपने 193 सदस्य राष्ट्रों को सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) की प्राप्ति हेतु प्रेरित और सक्षम बनाता है ताकि भावी पीढ़ियों के हितों से समझौता किए बिना प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन सुनिश्चित किया जा सके।