प्रश्न:2 'बाबरनामा' के ऐतिहासिक और साहित्यिक महत्त्व पर संक्षिप्त टिप्पणी लिखिए। (5 अंक/50 शब्द) (RAS)
उत्तर: 'बाबरनामा' (तुज़ुक-ए-बाबरी) बाबर द्वारा तुर्की (चगताई शैली) में रचित आत्मकथा है, जिसका फारसी (पायंदा खां, रहीम)...
उत्तर: 'बाबरनामा' (तुज़ुक-ए-बाबरी) बाबर द्वारा तुर्की (चगताई शैली) में रचित आत्मकथा है, जिसका फारसी (पायंदा खां, रहीम)...
उत्तर: सदियों तक, भारत में आदिवासी समुदाय अपनी साझा भूमि, स्वशासन और वन उपयोग की रीति-रिवाजों द्वारा शासित होकर जंगलों...
उत्तर: वारेन हेस्टिंग्स को 1772 में बंगाल का गवर्नर नियुक्त किया गया था, और 1773 के रेगुलेटिंग एक्ट के तहत इस पद को...
उत्तर: भक्ति आंदोलन की शुरुआत 6वीं-7वीं शताब्दी में दक्षिण भारत से हुई और धीरे-धीरे यह पूरे भारत में फैल गया। इसका मूल...
उत्तर: मध्यकालीन भारत में सूफी आंदोलन ने प्रेम, सहिष्णुता और रहस्यवाद के माध्यम से एक आध्यात्मिक क्रांति को जन्म दिया।...
उत्तर: अमीर खुसरो (1253-1325 ई.), जिनका मूल नाम अबुल हसन यमीनुद्दीन खुसरो था, मध्यकालीन भारत के एक महान सूफी संत,...
उत्तर: मौर्यकाल में भारतीय कला में पहली बार लकड़ी के स्थान पर पाषाण (पत्थर) का व्यापक प्रयोग हुआ। इस काल की कला को दो...
उत्तर: ⇒ 17वीं सदी के अंत से 18वीं सदी तक चले 'प्रबोधन काल' ने यूरोप की सोच में एक बड़ा बदलाव लाया। इस दौर में पुरानी...
उत्तर: 14वीं शताब्दी में स्थापित विजयनगर साम्राज्य दक्षिण भारत में एक महान सांस्कृतिक पुनर्जागरण का गवाह बना। इस काल...
उत्तर: राजस्थान के प्रागैतिहासिक एवं आध-ऐतिहासिक स्थल भारतीय इतिहास की प्रारम्भिक सभ्यताओं, मानव विकास तथा सांस्कृतिक...
उत्तर: 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (Indian National Congress) की स्थापना कोई आकस्मिक घटना नहीं थी, बल्कि 1820 के...
Answer:- भूमिका ब्रिटिश काल में रियासती प्रतिबंधों के बावजूद पत्र-पत्रिकाएँ राजस्थान में राजनीतिक चेतना, सामाजिक सुधार...