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मांड गायिका - गवरी देवी का निधन (RAS-PSI)

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  • जन्म : बाड़मेर जिले के कोरण गांव में एक पेशेवर लोक कलाकार परिवार में।
  • योगदान : पिछले लगभग 8 दशकों से मांड गायन में सक्रिय।
  • निवास : पाली जिले में था,इनके नाम पर 'गवरी नगर' बसा है।
  • सांस्कृतिक विरासत : अपनी बहू सुंदरदेवी और पोती नीतू को हस्तांतरित।
  • प्रमुख सांगीतिक धरोहर
  • मांड गीत : केसरिया बालम पधारो,ढोला थारे देश में,मोर बोले रे मलजी,जियो रे घनावर…..
  • प्रसिद्ध भजन : मैं तो लियो सांवरिया,मस्ताना रे मस्ती में,थारे रे कारण जिवड़ा,पुनागर माताजी री लाल….
  • पुरस्कार : जवाहर कला केंद्र, दूरदर्शन सम्मान, वीर दुर्गादास राठौड़ लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड।
  • दूरदर्शन और ऑल इंडिया रेडियो (AIR) की मान्यता प्राप्त कलाकार।