➔ ‘ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (SWM) प्रौद्योगिकियों के लिए LCA फ्रेमवर्क का विकास' परियोजना (UPSC/RAS)
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17 सितंबर 2026 को प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार प्रो. अजय कुमार सूद ने परियोजना के परिणामों और सिफारिशों की समीक्षा की।
यह परियोजना प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार (PSA) कार्यालय के समर्थन से IISc बेंगलुरु, IIT मद्रास और IIT (BHU) वाराणसी द्वारा संयुक्त रूप से चलाई गई।
यह परियोजना 'वेस्ट टू वेल्थ मिशन' व 'स्वच्छ भारत मिशन-अर्बन' के दृष्टिकोण के अनुरूप, PSA कार्यालय द्वारा 2024 में समर्थित की गई थी।
उद्देश्य: भारत के संदर्भ में लाइफ साइकिल असेसमेंट (LCA) फ्रेमवर्क विकसित करना और शहरी स्थानीय निकायों (ULBs) के लिए एक वेब-आधारित GHG कैलकुलेटर बनाना था, ताकि कम कार्बन फुटप्रिंट वाले ठोस अपशिष्ट प्रबंधन सिस्टम की योजना बनाई जा सके।
GHG कैलकुलेटर ऐप की मुख्य विशेषताएँ
उपयोगकर्ता: विशेष रूप से Urban Local Bodies (ULBs) के लिए डिजाइन किया गया।
कार्य: मौजूदा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन प्रथाओं से होने वाले GHG उत्सर्जन का विश्लेषण।
प्रक्रियाएँ शामिल → एनारोबिक डाइजेशन, वेस्ट-टू-एनर्जी, कंपोस्टिंग, रीसाइक्लिंग, लैंडफिलिंग।
प्रदान की गई जानकारी → नेट एमिशन, अवॉइडिड एमिशन, लॉजिस्टिक्स एमिशन, कार्बन फुटप्रिंट व विभिन्न GHG डेटा (मीथेन, कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रस ऑक्साइड, ब्लैक कार्बन)।